कुरान - 19:49 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

49
فَلَمَّا ٱعۡتَزَلَهُمۡ وَمَا يَعۡبُدُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ وَهَبۡنَا لَهُۥٓ إِسۡحَٰقَ وَيَعۡقُوبَۖ وَكُلّٗا جَعَلۡنَا نَبِيّٗا

Transliteration: (Fa lam ma'tazalahum wa maa ya'budoona min doonil laahi wahabnaa lahoo is-haaqa wa ya'qoob; wa kullan ja'alnaa Nabiyyaa)

फिर जब वे उनसे और उन (माबूदों) से जिन्हें वे अल्लाह के सिवा पूजते थे अलग हो गए, तो हमने उन्हें इसहाक़ और याक़ूब अता फ़रमाए; और हमने हर एक को नबी बनाया। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 49 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 49

✅ हिजरत का इनाम: सालेह औलाद और नबुव्वत का सिलसिला

जब हज़रत इब्राहीम ने अल्लाह की ख़ातिर अपना घर-बार छोड़ दिया, तो अल्लाह ने उन्हें तन्हा न छोड़ा बल्कि हज़रत इसहाक़ जैसा बेटा और हज़रत याक़ूब जैसा पोता अता फ़रमाया और उनकी नस्ल में नबुव्वत का अज़ीम सिलसिला जारी फ़रमा दिया।

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