कुरान - 19:51 सूरह मरयम अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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وَٱذۡكُرۡ فِي ٱلۡكِتَٰبِ مُوسَىٰٓۚ إِنَّهُۥ كَانَ مُخۡلَصٗا وَكَانَ رَسُولٗا نَّبِيّٗا

Transliteration: (Wazkur fil Kitaabi Moosaaa; innahoo kaana mukhlasanw wa kaana Rasoolan Nabiyyaa)

और किताब (क़ुरआन) में मूसा का तज़्किरा कीजिए; बेशक वे चुने हुए (मुख़्लस) थे, और वे रसूल और नबी थे। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह मरयम आयत 51 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह मरयम - आयत 51

✅ हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) का मक़ामे ख़ास

हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) अल्लाह के बरगुज़ीदा, चुने हुए और रसूल व नबी थे जिन्हें अल्लाह ने बनी इस्राईल की रहनुमाई के लिए भेजा।

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