कुरान - 50:8 सूरह क़ाफ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

8
تَبۡصِرَةٗ وَذِكۡرَىٰ لِكُلِّ عَبۡدٖ مُّنِيبٖ

Transliteration: (Tabsiratanw wa zikraa likulli 'abdim muneeb)

हर उस बंदे के लिए बसीरत (आंखें खोलने का ज़रिया) और नसीहत बनाकर जो (अल्लाह की तरफ़) रुजू करने वाला हो। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह क़ाफ़ आयत 8 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह क़ाफ़ - आयत 8

✅ बंदा-ए-मुनीब के लिए नसीहत

कायनात की ये तमाम निशानियां उस शख़्स के लिए दिल की आंखें खोलती हैं और नसीहत का ज़रिया बनती हैं जो सच्चे दिल से अपने रब की तरफ़ मुतवज्जेह होता है।

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