कुरान - 50:9 सूरह क़ाफ़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

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وَنَزَّلۡنَا مِنَ ٱلسَّمَآءِ مَآءٗ مُّبَٰرَكٗا فَأَنۢبَتۡنَا بِهِۦ جَنَّـٰتٖ وَحَبَّ ٱلۡحَصِيدِ

Transliteration: (Wa nazzalnaa minas samaaa'i maaa'am mubaarakan fa ambatnaa bihee jannaatinw wa habbal haseed)

और हमने आसमान से बरकत वाला पानी (बारिश) नाज़िल फ़रमाया, फिर उसके ज़रिए बाग़ात और काटे जाने वाले अनाज उगाए; (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह क़ाफ़ आयत 9 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह क़ाफ़ - आयत 9

✅ माए मुबारक (बारिश) से ज़िंदगी

अल्लाह तआला ने आसमान से बारिश बरसाकर तरह-तरह के बागात, मेवे और खेतियां पैदा कीं जो इंसानों और जानवरों की ज़िंदगी का सहारा हैं।

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