कुरान - 38:19 सूरह साद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

19
وَٱلطَّيۡرَ مَحۡشُورَةٗۖ كُلّٞ لَّهُۥٓ أَوَّابٞ

Transliteration: (Wattayra mahshoorah; kullul lahooo awwaab)

और परिंदों को भी जो जमा हो जाते थे [33], सब के सब उनके ताबेदार थे [34]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह साद आयत 19 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह साद तफ़सीर - आयत 19

"और परिंदों को भी जो जमा हो जाते थे [33], सब के सब उनके ताबेदार थे [34]!"

[33] परिंदों का हम-नवा होकर तस्बीह पढ़ना

जब हज़रत दाऊद (अलैहिस्सलाम) अपनी दिलकश आवाज़ में ज़िक्र फ़रमाते, तो आसमान में उड़ते हुए परिंदे जमा होकर रुक जाते और आपके साथ तस्बीह में शामिल हो जाते थे।

[34] तमाम कायनात का नबियों का फ़रमांबरदार होना

जब पहाड़ और परिंदे हज़रत दाऊद के ताबे थे, तो हमारे आक़ा व मौला हुज़ूर सय्यिदे आलम ﷺ की सल्तनत और इख़्तियार तो पूरी कायनात के ज़र्रे-ज़र्रे पर मुहीत है।

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