कुरान - 38:21 सूरह साद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

21
۞وَهَلۡ أَتَىٰكَ نَبَؤُاْ ٱلۡخَصۡمِ إِذۡ تَسَوَّرُواْ ٱلۡمِحۡرَابَ

Transliteration: (Wa hal ataaka naba'ul khasm; iz tasawwarul mihraab)

और क्या आपके पास उन झगड़ने वालों की ख़बर पहुंची [37] जब वे दीवार फांद कर इबादतगाह (मेहराब) में आ पहुंचे [38]? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह साद आयत 21 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह साद तफ़सीर - आयत 21

"और क्या आपके पास उन झगड़ने वालों की ख़बर पहुंची [37] जब वे दीवार फांद कर इबादतगाह (मेहराब) में आ पहुंचे [38]?"

[37] इंसानी शक्ल में फ़रिश्तों की आमद

वे दो फ़रिश्ते थे जो इंसानी शक्ल में झगड़ने वालों के लिबास में आए थे ताकि हज़रत दाऊद (अलैहिस्सलाम) के सामने एक इलाही तमसील और सबक़ पेश करें।

[38] मेहराब में दाख़िला और मस्जिद में फ़ैसला

वे दीवार फांद कर मेहराब में आ गए जहाँ हज़रत दाऊद इबादत में मसरूफ़ थे। इससे यह भी साबित होता है कि मस्जिद या इबादतगाह में मुक़द्दमात का शरई फ़ैसला करना जाइज़ है।

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