कुरान - 38:20 सूरह साद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

20
وَشَدَدۡنَا مُلۡكَهُۥ وَءَاتَيۡنَٰهُ ٱلۡحِكۡمَةَ وَفَصۡلَ ٱلۡخِطَابِ

Transliteration: (Wa shadadnaa mulkahoo wa aatainaahul Hikmata wa faslal khitaab)

और हमने उनकी सल्तनत को मज़बूत किया [35] और उन्हें हिकमत [36] और दो-टोक फ़ैसले की सलाहियत (फ़स्लल ख़िताब) अता फ़रमाई। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह साद आयत 20 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह साद तफ़सीर - आयत 20

"और हमने उनकी सल्तनत को मज़बूत किया [35] और उन्हें हिकमत [36] और दो-टोक फ़ैसले की सलाहियत (फ़स्लल ख़िताब) अता फ़रमाई।"

[35] अज़ीम और महफ़ूज़ सल्तनत

अल्लाह तआला ने हज़रत दाऊद (अलैहिस्सलाम) की सल्तनत को निहायत मज़बूत फ़रमाया। चालीस हज़ार ज़िरह-पोश पहरेदार आपकी ख़िदमत और हिफ़ाज़त में मुस्तइद रहते थे।

[36] हिकमत और फ़स्लल ख़िताब

आपको दीन की कामिल समझ (हिकमत) और मुक़द्दमात में हक़ व बातिल का वाज़ेह फ़ैसला करने (फ़स्लल ख़िताब) की सलाहियत बख़्शी, जिससे आप एक कामिल नबी और आदिल तरीन हुक्मरान बने।

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