कुरान - 38:25 सूरह साद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

25
فَغَفَرۡنَا لَهُۥ ذَٰلِكَۖ وَإِنَّ لَهُۥ عِندَنَا لَزُلۡفَىٰ وَحُسۡنَ مَـَٔابٖ

Transliteration: (Faghafarnaa lahoo zaalik; wa inna lahoo 'indanaa lazulfaa wa husna ma aab)

तो हमने उनकी यह बात मुआफ़ फ़रमा दी [49], और बेशक हमारे यहां उनके लिए यक़ीनन क़ुर्बत और बेहतरीन ठिकाना है [50]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह साद आयत 25 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह साद तफ़सीर - आयत 25

"तो हमने उनकी यह बात मुआफ़ फ़रमा दी [49], और बेशक हमारे यहां उनके लिए यक़ीनन क़ुर्बत और बेहतरीन ठिकाना है [50]!"

[49] मग़फ़िरते इलाही

अल्लाह तआला ने हज़रत दाऊद (अलैहिस्सलाम) की तौबा क़बूल फ़रमाई और उनकी उस बात को मुआफ़ फ़रमा दिया।

[50] मक़ामे क़ुर्ब और बेहतरीन अंजाम

अल्लाह ने एलान फ़रमाया कि हज़रत दाऊद हमारी बारगाह में इंतिहाई मुक़र्रब और आला मर्तबे वाले हैं और उनके लिए आख़िरत में बेहतरीन ठिकाना (जन्नत) है।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now