कुरान - 38:41 सूरह साद अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

41
وَٱذۡكُرۡ عَبۡدَنَآ أَيُّوبَ إِذۡ نَادَىٰ رَبَّهُۥٓ أَنِّي مَسَّنِيَ ٱلشَّيۡطَٰنُ بِنُصۡبٖ وَعَذَابٍ

Transliteration: (Wazkur 'abdanaaa Ayyoob; iz naada Rabbahooo annee massaniyash Shaitaanu bi nusbinw wa 'azaab)

और हमारे बंदे अय्यूब को याद कीजिए [84], जब उन्होंने अपने रब को पुकारा [85] कि शैतान ने मुझे तकलीफ़ और अज़ाब पहुँचाया है [86]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह साद आयत 41 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह साद तफ़सीर - आयत 41

"और हमारे बंदे अय्यूब को याद कीजिए [84], जब उन्होंने अपने रब को पुकारा [85] कि शैतान ने मुझे तकलीफ़ और अज़ाब पहुँचाया है [86]!"

[84] हज़रत अय्यूब (अलैहिस्सलाम) का मुबारक नसब

हज़रत अय्यूब बिन अमूस बिन रज़ाह हज़रत इसहाक़ बिन इब्राहीम (अलैहिमुस्सलाम) की औलाद में से हैं। आपकी वालिदा हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) की औलाद में से थीं, और आपकी अहलिया हज़रत रहमत हज़रत यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) की नवासी या पोती थीं (तफ़सीर रूहुल मआनी)।

[85] सात साल की सख़्त बीमारी और सब्र

आपने सात साल तक शदीद बीमारी और आज़माइश पर ऐसा कामिल सब्र फ़रमाया जिसकी मिसाल तारीख़ में नहीं मिलती।

[86] शैतान की तकलीफ़ और शिफ़ा की क़ुदरत

शैतान की फूँक से बीमारी में शिद्दत आई। जब शैतान को बीमारी डालने की कुदरत है, तो अल्लाह के महबूब बंदों को ब-हुक्मे इलाही शिफ़ा बख़्शने और बीमारियों को दूर करने की अता कहीं ज़्यादा हासिल है।

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