कुरान - 34:38 सूरह सबअ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

38
وَٱلَّذِينَ يَسۡعَوۡنَ فِيٓ ءَايَٰتِنَا مُعَٰجِزِينَ أُوْلَـٰٓئِكَ فِي ٱلۡعَذَابِ مُحۡضَرُونَ

Transliteration: (Wallazeena yas'awna feee Aayaatinaa mu'aajizeena ulaaa'ika fil'azaabi muhdaroon)

और जो लोग हमारी आयतों को आजिज़ (बे-असर) करने की कोशिश करते हैं [115], वे अज़ाब में हाज़िर (गिरफ़्तार) किए जाएंगे [116]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह सबअ आयत 38 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह सबा तफ़सीर - आयत 38

"और जो लोग हमारी आयतों को आजिज़ करने की कोशिश करते हैं [115], वे अज़ाब में हाज़िर किए जाएंगे [116]।"

[115] क़ुरआने मजीद के ख़िलाफ़ पोशीदा साज़िशें

इससे मुराद वे मुफ़्सिद हैं जो क़ुरआने करीम के ख़िलाफ़ छुपकर शुबहात फैलाते हैं और उसकी आयतों के ग़लत मफ़हूम गढ़ते हैं ताकि लोगों को गुमराह कर सकें। यह अमल हक़ के बुग्ज़ और तकब्बुर पर मबनी है।

[116] क़ुरआन को मुनाज़रे और बे-अदबी के लिए इस्तेमाल करने की मज़म्मत

क़ुरआन की आयतों को महज़ अपनी झूठी बड़ाई या मुनाज़रे जीतने के लिए इस्तेमाल करना सख्त गुनाह है। सबसे संगीन जुर्म यह है कि कोई बद-बख़्त आयतों को हुज़ूर ﷺ की अज़मत घटाने के लिए इस्तेमाल करे; ऐसे लोग क़यामत में ज़ंजीरों में जकड़ कर दोज़ख़ के अज़ाब में पेश किए जाएंगे।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now