कुरान - 34:37 सूरह सबअ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

37
وَمَآ أَمۡوَٰلُكُمۡ وَلَآ أَوۡلَٰدُكُم بِٱلَّتِي تُقَرِّبُكُمۡ عِندَنَا زُلۡفَىٰٓ إِلَّا مَنۡ ءَامَنَ وَعَمِلَ صَٰلِحٗا فَأُوْلَـٰٓئِكَ لَهُمۡ جَزَآءُ ٱلضِّعۡفِ بِمَا عَمِلُواْ وَهُمۡ فِي ٱلۡغُرُفَٰتِ ءَامِنُونَ

Transliteration: (Wa maaa amwaalukum wa laaa awlaadukum billatee tuqarribukum 'indanaa zulfaaa illaa man aamana wa 'amila saalihan fa ulaaa'ika lahum jazaaa'ud di'fi bimaa 'amiloo wa hum fil ghurufaati aaminoon)

और न तुम्हारे माल और न तुम्हारी औलाद [111] वे चीज़ें हैं जो तुम्हें हमारे नज़दीक मर्तबे में मुक़र्रब बना दें, सिवाय उसके जो ईमान लाए और नेक अमल करे [112]; तो यही लोग हैं जिनके लिए उनके आमाल का दोहरा बदला है [113] और वे (जन्नत के) बुलंद बालाख़ानों में अम्न व चैन से रहेंगे [114]! (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह सबअ आयत 37 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह सबा तफ़सीर - आयत 37

"और न तुम्हारे माल और न तुम्हारी औलाद [111] वे चीज़ें हैं जो तुम्हें हमारे नज़दीक मुक़र्रब बना दें, सिवाय उसके जो ईमान लाए और नेक अमल करे [112]। यही लोग हैं जिनके लिए उनके आमाल का दोहरा बदला है [113] और वे बुलंद बालाख़ानों में अम्न से रहेंगे [114]।"

[111] माल व नसब से तक़र्रूब हासिल नहीं होता

बारगाह-ए-इलाही में क़ुर्बत का मेयार दौलत, क़बीला या खानदान नहीं है। बग़ैर ईमान के नबी का बेटा भी नजात नहीं पा सकता, और न ही दुनियावी तअल्लुक़ात आख़िरत में काम आ सकते हैं।

[112] तक़र्रूब का हक़ीक़ी मेयार: ईमान और तक़वा

अल्लाह के नज़दीक इज़्ज़त का अस्ल ज़रिया ईमान और आमाले सालेहा हैं। हाँ, अगर माल को अल्लाह की राह में सदक़ा किया जाए और औलाद की दीनी तरबियत की जाए, तो वे भी तक़र्रूब का ज़रिया बन जाते हैं।

[113] आमाले सालेहा का दोहरा और मुज़ाअफ़ सवाब

नेक मोमिनों को उनके आमाल का दोगुना और कई गुना बदला अता फ़रमाया जाएगा। उन्हें अपने नेक आमाल का सवाब भी मिलेगा और उन नेकियों का भी जो उनके ज़रिये दूसरों में फैलीं।

[114] जन्नत के बुलंद बालाख़ानों में अम्नो अमान

ऐसे अहले ईमान जन्नत के आलीशान और बुलंद महलात (ग़ुरफ़ात) में हमेशा के अम्नो अमान, इज़्ज़त और बे-ख़ौफ़ राहत में रहेंगे जहाँ कभी कोई ज़वाल न होगा।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now