कुरान - 34:39 सूरह सबअ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

39
قُلۡ إِنَّ رَبِّي يَبۡسُطُ ٱلرِّزۡقَ لِمَن يَشَآءُ مِنۡ عِبَادِهِۦ وَيَقۡدِرُ لَهُۥۚ وَمَآ أَنفَقۡتُم مِّن شَيۡءٖ فَهُوَ يُخۡلِفُهُۥۖ وَهُوَ خَيۡرُ ٱلرَّـٰزِقِينَ

Transliteration: (Qul inna Rabbee yabsutur rizqa limai yashaaa'u min 'ibaadihee wa yaqdiru lah; wa maaa anfaqtum min shai'in fahuwa yukhlifuhoo wa Huwa khairur raaziqeen)

आप कह दीजिए, "बेशक मेरा रब अपने बंदों में से जिसके लिए चाहता है रिज़्क़ कुशादा करता है [117] और जिसके लिए चाहता है तंग करता है; और जो चीज़ भी तुम (अल्लाह की राह में) ख़र्च करोगे वह उसका बदला अता फ़रमाएगा [118]; और वही सबसे बेहतर रिज़्क़ देने वाला है [119]!" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह सबअ आयत 39 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह सबा तफ़सीर - आयत 39

"बेशक मेरा रब अपने बंदों में से जिसके लिए चाहता है रिज़्क़ कुशादा करता है [117] और जिसके लिए चाहता है तंग करता है। और जो चीज़ भी तुम ख़र्च करोगे वह उसका बदला अता फ़रमाएगा [118]; और वही सबसे बेहतर रिज़्क़ देने वाला है [119]।"

[117] रिज़्क़ पर मुकम्मल इलाही इख़्तियार

रोज़ी और मालो दौलत का पूरा निज़ाम अल्लाह तआला के क़ब्ज़े व क़ुदरत में है। वह अपनी हिकमत के मुताबिक़ जिसे चाहे बे-हिसाब दे और जिसके लिए चाहे तंग कर दे।

[118] अल्लाह की राह में ख़र्च करने का बेहतरीन बदला

अल्लाह तआला वादा फ़रमाता है कि जो बंदा इख़्लास के साथ उसकी राह में सदक़ा व ख़ैरात करता है, अल्लाह दुनिया में भी उसकी नेमतों में बरकत फ़रमाता है और आख़िरत में भी कई गुना बेहतरीन सवाब अता फ़रमाता है।

[119] 'ख़ैरुर-राज़िक़ीन' - सबसे बेहतरीन रोज़ी-रसां

अल्लाह तआला सबसे अफ़ज़ल और हक़ीक़ी रोज़ी देने वाला है जो तमाम कायनात को उसकी हाजत के मुताबिक़ बग़ैर किसी एहसान के रिज़्क़ अता फ़रमाता है।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now