कुरान - 12:107 सूरह यूहफ़़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

107
أَفَأَمِنُوٓاْ أَن تَأۡتِيَهُمۡ غَٰشِيَةٞ مِّنۡ عَذَابِ ٱللَّهِ أَوۡ تَأۡتِيَهُمُ ٱلسَّاعَةُ بَغۡتَةٗ وَهُمۡ لَا يَشۡعُرُونَ

Transliteration: (Afa aminooo an taatiya hum ghaashiyatum min 'azaabil laahi aw taatiyahumus Saa'atu baghtatanw wa hum laa yash'uroon)

क्या वे इस बात से बेख़ौफ़ हो गए हैं कि अल्लाह के अज़ाब की कोई आफ़त उन्हें ढांप ले, या अचानक क़यामत उन पर आ पहुंचे और उन्हें ख़बर भी न हो? (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूहफ़़ आयत 107 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूसुफ़ – आयत 107 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] अचानक आने वाली आफ़त और क़यामत की चेतावनी

इंसान को कभी भी अपनी सरकशी और गुनाहों पर निश्चिंत नहीं होना चाहिए। अल्लाह की पकड़ अचानक आती है और क़यामत भी ऐसे अचानक आएगी कि लोगों को संभलने का मौक़ा तक नहीं मिलेगा।

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