कुरान - 12:17 सूरह यूहफ़़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

17
قَالُواْ يَـٰٓأَبَانَآ إِنَّا ذَهَبۡنَا نَسۡتَبِقُ وَتَرَكۡنَا يُوسُفَ عِندَ مَتَٰعِنَا فَأَكَلَهُ ٱلذِّئۡبُۖ وَمَآ أَنتَ بِمُؤۡمِنٖ لَّنَا وَلَوۡ كُنَّا صَٰدِقِينَ

Transliteration: (Qaaloo yaaa abaanaaa innaa zahabnaa nastabiqu wa taraknaa Yoosufa 'inda mataa'inaa fa akalahuz zi'b, wa maaa anta bimu'minil lanaa wa law kunnaa saadiqeen)

उन्होंने कहा, "ऐ हमारे पिता! हम आपस में दौड़ने में लग गए और यूसुफ़ को अपने सामान के पास छोड़ गए, तो भेड़िए ने उसे खा लिया! और आप हम पर कभी विश्वास नहीं करेंगे, भले ही हम बिल्कुल सच्चे ही क्यों न हों।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूहफ़़ आयत 17 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूसुफ़ – आयत 17 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] पूर्व-नियोजित झूठा बहाना

भाइयों ने पिता के मन में पहले से मौजूद भेड़िए के डर को अपना मोहरा बनाया और दावा किया कि दौड़ने के मुक़ाबले में हम दूर निकल गए और भेड़िए ने यूसुफ़ को चीर-फाड़ दिया। साथ ही स्वयं ही कह दिया कि हमें मालूम है कि आप हम पर यक़ीन नहीं करेंगे, जो उनके अंदरूनी चोर को दर्शा रहा था।

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