कुरान - 12:22 सूरह यूहफ़़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

22
وَلَمَّا بَلَغَ أَشُدَّهُۥٓ ءَاتَيۡنَٰهُ حُكۡمٗا وَعِلۡمٗاۚ وَكَذَٰلِكَ نَجۡزِي ٱلۡمُحۡسِنِينَ

Transliteration: (Wa lammaa balagha ashuddahooo aatainaahu hukmanw wa 'ilmaa; wa kazaa lika najzil muhsineen)

और जब वे अपनी पूरी जवानी (परिपक्वता) को पहुँचे, तो हमने उन्हें हिकमत (निर्णय-क्षमता) और ज्ञान अता किया; और इसी प्रकार हम नेकी करने वालों (मुहसिनीन) को बदला दिया करते हैं। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूहफ़़ आयत 22 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूसुफ़ – आयत 22 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] हिकमत और इल्म की बशारत

हज़रत यूसुफ़ जब युवावस्था और पूर्ण परिपक्वता (लगभग 30-33 वर्ष) को पहुँचे, तो अल्लाह ने उन्हें आध्यात्मिक ज्ञान, पैग़म्बरी और न्याय करने की असाधारण बुद्धि प्रदान की।

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