कुरान - 12:34 सूरह यूहफ़़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

34
فَٱسۡتَجَابَ لَهُۥ رَبُّهُۥ فَصَرَفَ عَنۡهُ كَيۡدَهُنَّۚ إِنَّهُۥ هُوَ ٱلسَّمِيعُ ٱلۡعَلِيمُ

Transliteration: (Fastajaaba lahoo rabbuhoo fasarafa 'anhu kaidahunn; innahoo huwas Samee'ul 'Aleem)

तो उनके रब ने उनकी दुआ क़ुबूल फ़रमाई और उन स्त्रियों के छल को उनसे फेर दिया; निस्संदेह, वही सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है। (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूहफ़़ आयत 34 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूसुफ़ – आयत 34 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] दुआ की क़बूलियत और पवित्रता की रक्षा

अल्लाह तआला ने हज़रत यूसुफ़ की पवित्र पुकार सुन ली और उन्हें तमाम महिलाओं के प्रलोभन और साज़िशों से पूरी तरह सुरक्षित रखा।

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