कुरान - 12:41 सूरह यूहफ़़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

41
يَٰصَٰحِبَيِ ٱلسِّجۡنِ أَمَّآ أَحَدُكُمَا فَيَسۡقِي رَبَّهُۥ خَمۡرٗاۖ وَأَمَّا ٱلۡأٓخَرُ فَيُصۡلَبُ فَتَأۡكُلُ ٱلطَّيۡرُ مِن رَّأۡسِهِۦۚ قُضِيَ ٱلۡأَمۡرُ ٱلَّذِي فِيهِ تَسۡتَفۡتِيَانِ

Transliteration: (Yaa saahibayis sijni ammaaa ahadukumaa fa yasqee rabbahoo khamranw wa ammal aakharu fa yuslabu fata'kulut tairu mir ra'sih; qudiyal amrul lazee feehi tastaftiyaan)

"ऐ मेरे क़ैदखाने के साथियो! तुम में से एक तो अपने स्वामी (राजा) को शराब पिलाएगा; और रहा दूसरा, तो उसे सूली पर चढ़ा दिया जाएगा और परिंदे उसके सिर में से नोच-नोच कर खाएंगे; उस मामले का अंतिम फ़ैसला हो चुका जिसके बारे में तुम पूछ रहे थे।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूहफ़़ आयत 41 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूसुफ़ – आयत 41 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] दोनों कैदियों के सपनों की सटीक ताबीर

तौहीद का पैग़ाम देने के बाद हज़रत यूसुफ़ ने दोनों के ख़्वाब की ताबीर बताई: साक़ी बाइज्ज़त रिहा होकर दोबारा राजा की सेवा में लग जाएगा, जबकि बावर्ची को सूली दी जाएगी और उसकी लाश पर चील-कौवे मंडराएंगे। यह बात वैसी ही पूरी हुई जैसी यूसुफ़ ने फ़रमाई थी।

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