कुरान - 12:63 सूरह यूहफ़़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

63
فَلَمَّا رَجَعُوٓاْ إِلَىٰٓ أَبِيهِمۡ قَالُواْ يَـٰٓأَبَانَا مُنِعَ مِنَّا ٱلۡكَيۡلُ فَأَرۡسِلۡ مَعَنَآ أَخَانَا نَكۡتَلۡ وَإِنَّا لَهُۥ لَحَٰفِظُونَ

Transliteration: (Falammaa raja'ooo ilaaa abeehim qaaloo yaaa abaanaa muni'a minnal kailu fa arsil ma'anaaa akhaanaa naktal wa innaa lahoo lahaafizoon)

फिर जब वे अपने पिता के पास लौटे, तो उन्होंने कहा, "ऐ हमारे पिता! हमारे लिए (भविष्य में) अनाज का नाप रोक दिया गया है; अतः हमारे साथ हमारे भाई (बिन्यामीन) को भेज दीजिए ताकि हम अनाज ला सकें, और निस्संदेह हम उसकी पूरी हिफ़ाज़त करेंगे।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूहफ़़ आयत 63 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूसुफ़ – आयत 63 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] पिता पर दबाव और सुरक्षा का भरोसा

भाइयों ने कनान लौटकर पिता से कहा कि मिस्र के शासक ने साफ़ कह दिया है कि जब तक छोटा भाई साथ नहीं आएगा, अनाज नहीं मिलेगा। उन्होंने फिर से बिन्यामीन की पूरी सुरक्षा की क़सम खाई।

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