कुरान - 12:65 सूरह यूहफ़़ अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

65
وَلَمَّا فَتَحُواْ مَتَٰعَهُمۡ وَجَدُواْ بِضَٰعَتَهُمۡ رُدَّتۡ إِلَيۡهِمۡۖ قَالُواْ يَـٰٓأَبَانَا مَا نَبۡغِيۖ هَٰذِهِۦ بِضَٰعَتُنَا رُدَّتۡ إِلَيۡنَاۖ وَنَمِيرُ أَهۡلَنَا وَنَحۡفَظُ أَخَانَا وَنَزۡدَادُ كَيۡلَ بَعِيرٖۖ ذَٰلِكَ كَيۡلٞ يَسِيرٞ

Transliteration: (Wa lammaa fatahoo mataa 'ahum wajadoo bidaa'atahum ruddat ilaihim qaaloo yaaa abaanaa maa nabghee; haazihee bida 'atunaa ruddat ilainaa wa nameeru ahlanaa wa nahfazu akhaanaa wa nazdaadu kaila ba'eer; zaalika kailuny yaseer)

और जब उन्होंने अपना सामान खोला, तो पाया कि उनका धन-माल उन्हें वापस लौटा दिया गया था। वे बोले, "ऐ हमारे पिता! हमें और क्या चाहिए? यह हमारी पूंजी भी हमें वापस मिल गई है; और हम अपने परिवार के लिए रसद (अनाज) लाएंगे और अपने भाई की रक्षा करेंगे और एक ऊँट का अनाज और अधिक लाएंगे; यह (अनाज लाना) एक आसान नाप है।" (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह यूहफ़़ आयत 65 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

📖 सूरह यूसुफ़ – आयत 65 का हिन्दी अनुवाद और तफ़्सीर

✅ [1] पूंजी वापसी और बिन्यामीन को भेजने की दलील

जब भाइयों ने बोरियों में अपना पैसा रखा पाया, तो वे खुशी से उछल पड़े और पिता से कहा कि मिस्र का हाकिम कितना उदार है कि उसने हमारा पैसा भी लौटा दिया। यदि बिन्यामीन साथ जाएगा तो एक ऊंट का अनाज अतिरिक्त मिलेगा।

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