Transliteration: (Qaala innamaaa ashkoo bassee wa huzneee ilal laahi wa a'lamu minal laahi maa laa ta'lamoon)
हज़रत याक़ूब (अलै.) ने अपने बेटों से फ़रमाया कि मैं इंसानों के आगे नहीं रोता, बल्कि अपनी परेशानी और ग़म की पुकार केवल अपने रब के हुज़ूर करता हूँ। नबी का अल्लाह से फ़रियाद करना सब्र-ए-जमील के ख़िलाफ़ नहीं, बल्कि सच्ची इबादत और तवक्कुल है।
उन्हें अल्लाह की वह्य और इल्हाम से यह यक़ीन था कि यूसुफ़ जीवित हैं और उनका बचपन का ख़्वाब ज़रूर पूरा होगा, जिसे उनके बेटे नहीं समझ सकते थे।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat