कुरान - 20:104 सूरह ता-हा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

104
نَّحۡنُ أَعۡلَمُ بِمَا يَقُولُونَ إِذۡ يَقُولُ أَمۡثَلُهُمۡ طَرِيقَةً إِن لَّبِثۡتُمۡ إِلَّا يَوۡمٗا

Transliteration: (nahnu a'lamu bimaa yaqooloona iz yaqoolu amsaluhum tareeqatan illabistum illaa yawmaa (section 5))

104. हम ख़ूब जानते हैं जो वे कहेंगे, जब उनमें सबसे बेहतर समझ वाला कहेगा कि 'तुम सिर्फ़ एक ही दिन ठहरे थे।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ता-हा आयत 104 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ता-हा — आयत 104 की तफ़सीर

"हम ख़ूब जानते हैं जो वे कहेंगे, जब उनमें सबसे बेहतर समझ वाला कहेगा कि 'तुम सिर्फ़ एक ही दिन ठहरे थे।' "

आख़िरत के मुक़ाबले में दुनिया का वक़्त

सयाने लोग कहेंगे कि दुनिया की मुद्दत तो एक दिन से भी कम थी, जिस पर हमने आख़िरत को तबाह कर लिया।

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