कुरान - 20:105 सूरह ता-हा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

105
وَيَسۡـَٔلُونَكَ عَنِ ٱلۡجِبَالِ فَقُلۡ يَنسِفُهَا رَبِّي نَسۡفٗا

Transliteration: (Wa yas'aloonaka 'anil jibaali faqul yansifuhaa Rabbee nasfaa)

105. और वे आपसे पहाड़ों के बारे में पूछते हैं [147]; आप फ़रमा दीजिए कि 'मेरा रब उन्हें रेज़ा-रेज़ा करके उड़ा देगा' [148] । (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ता-हा आयत 105 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ता-हा — आयत 105 की तफ़सीर

"और वे आपसे पहाड़ों के बारे में पूछते हैं [147]; आप फ़रमा दीजिए कि 'मेरा रब उन्हें रेज़ा-रेज़ा करके उड़ा देगा' [148] ।"

[147] शान-ए-रिसालत और शान-ए-नुज़ूल

क़बीला-ए-सक़ीफ़ के एक शख़्स ने पहाड़ों के अंजाम के बारे में पूछा तो यह आयत नाज़िल हुई। इससे हुज़ूर (ﷺ) का मक़ाम साबित हुआ कि जब आपसे सवाल होता तो अल्लाह तआला ख़ुद जवाब नाज़िल फ़रमाता।

[148] क़ियामत के दिन पहाड़ों का रेज़ा-रेज़ा होना

सूर फूंके जाने पर दुनिया के तमाम पहाड़ टूट-फूट कर धुनी हुई रुई की तरह उड़ेंगे और फिर रेत की तरह बिखर जाएंगे।

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