कुरान - 20:108 सूरह ता-हा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

108
يَوۡمَئِذٖ يَتَّبِعُونَ ٱلدَّاعِيَ لَا عِوَجَ لَهُۥۖ وَخَشَعَتِ ٱلۡأَصۡوَاتُ لِلرَّحۡمَٰنِ فَلَا تَسۡمَعُ إِلَّا هَمۡسٗا

Transliteration: (Yawma iziny yattabi'oonad daa'iya laa 'iwaja lahoo wa khasha'atil aswaatu lir Rahmaani falaa tasma'u illaa hamsaa)

108. उस दिन वे पुकारने वाले (इसराफ़ील) के पीछे दौड़ेंगे [149], जिसके सामने कोई टेढ़ापन न होगा; और रहमान के सामने सारी आवाज़ें दब जाएंगी [150], तो तुम एक हल्की सी सरगोशी (क़दमों की चाप) के सिवा कुछ न सुनोगे [151] । (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ता-हा आयत 108 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ता-हा — आयत 108 की तफ़सीर

"उस दिन वे पुकारने वाले के पीछे दौड़ेंगे [149], जिसके सामने कोई टेढ़ापन न होगा; और रहमान के सामने सारी आवाज़ें दब जाएंगी [150], तो तुम एक हल्की सी सरगोशी के सिवा कुछ न सुनोगे [151] ।"

[149] हज़रत इसराफ़ील की निदा

दूसरे सूर के वक़्त हज़रत इसराफ़ील (अलैहिस्सलाम) की आवाज़ दुनिया के कोने-कोने तक पहुँचेगी और मुर्दे क़ब्रों से निकलकर उस आवाज़ की तरफ़ दौड़ेंगे।

[150] इलाही हैबत से सन्नाटा

अल्लाह की हैबत और जलाल से मैदाने महशर में ऐसा सन्नाटा होगा कि किसी की ज़बान से कोई ऊंची आवाज़ न निकलेगी।

[151] क़दमों की हल्की आहट

सिर्फ़ क़ब्रों से महशर की तरफ़ चलने वाले क़दमों की हल्की चाप सुनाई देगी।

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