कुरान - 20:116 सूरह ता-हा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

116
وَإِذۡ قُلۡنَا لِلۡمَلَـٰٓئِكَةِ ٱسۡجُدُواْ لِأٓدَمَ فَسَجَدُوٓاْ إِلَّآ إِبۡلِيسَ أَبَىٰ

Transliteration: (Wa iz qulnaa lilma laaa'ikatis judoo li Aadama fasajadooo illaaa Ibleesa; abaa)

116. और जब हमने फ़रिश्तों से फ़रमाया कि 'आदम को सजदा करो', तो सबने सजदा किया सिवाए इब्लीस के; उसने इन्कार किया [163] । (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ता-हा आयत 116 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ता-हा — आयत 116 की तफ़सीर

"और जब हमने फ़रिश्तों से फ़रमाया कि 'आदम को सजदा करो', तो सबने सजदा किया सिवाए इब्लीस के; उसने इन्कार किया [163] ।"

[163] इब्लीस का तकब्बुर और इन्कार

इब्लीस ने अपने तकब्बुर की वजह से अल्लाह के हुक्म का इन्कार किया और आदम (अलैहिस्सलाम) की शान को घटाया, जिसके नतीजे में वह हमेशा के लिए मरदूद और लानती हो गया।

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