Transliteration: (Wa laqad 'ahidnaaa ilaaa Aadama min qablu fanasiya wa lam najid lahoo 'azmaa (section 6))
"और बेशक हमने इससे पहले आदम को ताकीदी हुक्म दिया था [161], फिर वे भूल गए और हमने उनमें कोई क़स्द न पाया [162] ।"
हुक्म यह था कि इस ख़ास दरख़्त के फल को न खाना और न इसके क़रीब जाना।
हज़रत आदम (अलैहिस्सलाम) ने जानबूझकर नाफ़रमानी नहीं की थी, बल्कि शैतान के धोखे और क़सम खाने की वजह से इज्तिहादी ख़ता हुई। अंबिया-ए-किराम गुनाह से बिल्कुल मासूम और पाक होते हैं।
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