Transliteration: (Wa kazaalika najzee man asrafa wa lam yu'min bi Aayaati Rabbih; wa la'azaabul Aakhirati ashaddu wa abqaa)
"और इसी तरह हम बदला देते हैं उस शख़्स को जो हद से बढ़ जाए और अपने रब की आयतों पर ईमान न लाए; और बेशक आख़िरत का अज़ाब सबसे सख़्त और हमेशा बाक़ी रहने वाला है [180] ।"
जो दुनिया में इबादत और तक़वा की मशक़्क़त नहीं झेलता, उसे आख़िरत के कभी न ख़त्म होने वाले शदीद अज़ाब का सामना करना पड़ेगा।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat