Transliteration: (Wa law laa Kalimatun sabaqat mir Rabbika lakaana lizaamanw wa 'ajalun musammaa)
"और अगर आपके रब की तरफ़ से एक बात पहले न तय हो चुकी होती [183] और एक मुक़र्ररा वक़्त न होता, तो यक़ीनन अज़ाब उन पर चिपट गया होता [184] ।"
अल्लाह तआला ने अपने महबूब (ﷺ) की बरकत से यह वादा फ़रमा रखा है कि इस उम्मत पर पिछली क़ौमों की तरह पूरी बस्ती को तबाह करने वाला अज़ाब दुनिया में नहीं आएगा।
क़ियामत का वक़्त मुक़र्रर न होता तो यह काफ़िर अपने कुफ़्र की पादाश में उसी वक़्त तबाह कर दिए जाते।
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