Transliteration: (Wa laa tamuddanna 'ainaika ilaa ma matta'na biheee azwajam minhum zahratal hayaatid dunya linaftinahum feeh; wa rizqu Rabbika khairunw wa abqaa)
"और ऐ सुनने वाले! अपनी निगाहें उन चीज़ों की तरफ़ न फैलाना जो हमने काफ़िरों के मुख़्तलिफ़ जोड़ों को बरतने के लिए दुनियावी ज़िंदगी की चमक-दमक दी हैं [188] ताकि हम उसमें उनकी आज़माइश करें; और आपके रब का दिया हुआ रिज़्क़ सबसे बेहतर और हमेशा बाक़ी रहने वाला है [189] ।"
काफ़िरों की दुनियावी दौलत दर-हक़ीक़त उनके लिए आज़माइश और इस्तेदराज (ढील) है। मोमिन को काफ़िर के माल पर नहीं बल्कि हज़रत उस्मान-ए-ग़नी (रज़ियल्लाहु अन्हु) जैसे सालेह मोमिनीन की सख़ावत और दौलत पर रश्क करना चाहिए।
अल्लाह का अता किया हुआ हलाल रिज़्क़ और आख़िरत की नेमतें दायमी और बेमिसाल हैं जो कभी ख़त्म नहीं होंगी।
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