कुरान - 20:125 सूरह ता-हा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

125
قَالَ رَبِّ لِمَ حَشَرۡتَنِيٓ أَعۡمَىٰ وَقَدۡ كُنتُ بَصِيرٗا

Transliteration: (Qaala Rabbi lima hashar tanee a'maa wa qad kuntu baseeraa)

125. वह कहेगा, 'ऐ मेरे रब! तूने मुझे अंधा करके क्यों उठाया जबकि मैं आँखों वाला था?' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ता-हा आयत 125 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ता-हा — आयत 125 की तफ़सीर

"वह कहेगा, 'ऐ मेरे रब! तूने मुझे अंधा करके क्यों उठाया जबकि मैं आँखों वाला था?' "

मुजरिम की लाचारी और हसरत

काफ़िर हसरत व अफ़सोस से कहेगा कि दुनिया में तो मुझे बीनाई हासिल थी, आज मैं अंधा क्यों कर दिया गया?

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