कुरान - 20:123 सूरह ता-हा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

123
قَالَ ٱهۡبِطَا مِنۡهَا جَمِيعَۢاۖ بَعۡضُكُمۡ لِبَعۡضٍ عَدُوّٞۖ فَإِمَّا يَأۡتِيَنَّكُم مِّنِّي هُدٗى فَمَنِ ٱتَّبَعَ هُدَايَ فَلَا يَضِلُّ وَلَا يَشۡقَىٰ

Transliteration: (Qaalah bita minhaa jamee'am ba'dukum liba'din 'aduww; fa immaa ya'tiyannakum minnee hudan famanit taba'a hudaaya falaa yadillu wa laa yashqaa)

123. फ़रमाया, 'तुम दोनों जन्नत से नीचे उतरो, तुम में से बाज़ बाज़ के दुश्मन होंगे [173]; फिर अगर तुम्हारे पास मेरी तरफ़ से कोई हिदायत आए [174], तो जो मेरी हिदायत की पैरवी करेगा वह न गुमराह होगा और न बदबख़्त [175] ।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ता-हा आयत 123 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ता-हा — आयत 123 की तफ़सीर

"फ़रमाया, 'तुम दोनों जन्नत से नीचे उतरो, तुम में से बाज़ बाज़ के दुश्मन होंगे [173]; फिर अगर तुम्हारे पास मेरी तरफ़ से कोई हिदायत आए [174], तो जो मेरी हिदायत की पैरवी करेगा वह न गुमराह होगा और न बदबख़्त [175] ।' "

[173] औलाद में बाहमी दुश्मनी

इंसानों की औलाद में मोमिन और काफ़िर एक-दूसरे के मुख़ालिफ़ होंगे, और दुनियावी मामलात में भी कशमकश रहेगी।

[174] अंबिया और आसमानी हिदायत का सिलसिला

अल्लाह तआला ज़मीन पर अपने नबियों और किताबों के ज़रिये हिदायत का निज़ाम क़ायम फ़रमाएगा।

[175] इताअते रसूल में दोनों जहाँ की कामयाबी

जो नबी करीम (ﷺ) और अल्लाह की हिदायत का दामन थामेगा, वह दुनिया में भटकेगा नहीं और आख़िरत में जहन्नम की बदबख़्ती से महफ़ूज़ रहेगा।

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