कुरान - 20:122 सूरह ता-हा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

122
ثُمَّ ٱجۡتَبَٰهُ رَبُّهُۥ فَتَابَ عَلَيۡهِ وَهَدَىٰ

Transliteration: (Summaj tabbahu Rabbuhoo fataaba 'alaihi wa hadaa)

122. फिर उनके रब ने उन्हें चुन लिया और अपनी रहमत से उनकी तरफ़ रुजू फ़रमाया और उन्हें अपने ख़ास क़ुर्ब का रास्ता दिखाया [172] । (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ता-हा आयत 122 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ता-हा — आयत 122 की तफ़सीर

"फिर उनके रब ने उन्हें चुन लिया और अपनी रहमत से उनकी तरफ़ रुजू फ़रमाया और उन्हें अपने ख़ास क़ुर्ब का रास्ता दिखाया [172] ।"

[172] वसीला-ए-मुस्तफ़ा (ﷺ) से तौबा की क़बूलियत

जब हज़रत आदम (अलैहिस्सलाम) ने सरकारे दो आलम हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा (ﷺ) के वसीले से दुआ मांगी, तो बारगाह-ए-इलाही में उनकी तौबा क़बूल फ़रमाई गई और उनका मक़ाम और ज़्यादा बुलंद कर दिया गया।

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