Transliteration: (Fa waswasa ilaihish Shaitaanu qaala yaaa Aadamu hal adulluka 'alaa shajaratil khuldi wa mulkil laa yablaa)
"फिर शैतान ने उनके दिल में वसवसा डाला [166]; बोला, 'ऐ आदम! क्या मैं तुम्हें हमेशा की ज़िंदगी वाला दरख़्त [167] और ऐसी सल्तनत बताऊं जो कभी पुरानी न हो?' [168]"
शैतान ने झूठी हमदर्दी दिखाकर और झूठी क़समें खाकर उन्हें धोका दिया।
उसने ममनूआ दरख़्त को हमेशा की ज़िंदगी और फ़रिश्ता बनने का वसीला बताकर पेश किया।
इब्लीस ने ऐसा लालच दिया कि यह फल खाओगे तो जन्नत से कभी नहीं निकाले जाओगे।
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