कुरान - 20:17 सूरह ता-हा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

17
وَمَا تِلۡكَ بِيَمِينِكَ يَٰمُوسَىٰ

Transliteration: (Wa maa tilka bi yamee nika yaa Moosaa)

17. 'और ऐ मूसा! तुम्हारे दाहिने हाथ में यह क्या है?' [18] (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ता-हा आयत 17 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ता-हा — आयत 17 की तफ़सीर

"'और ऐ मूसा! तुम्हारे दाहिने हाथ में यह क्या है?' [18]"

[18] सवाल में पोशीदा हिकमतें और महबूब से कलाम

इससे मालूम हुआ कि हर सवाल पूछने वाले की बेख़बरी पर मब्नी नहीं होता, बल्कि उसके पीछे बड़ी हिकमतें और गहरे मक़ासिद होते हैं।

यहाँ अल्लाह तआला बख़ूबी वाक़िफ़ था कि हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) के हाथ में असा (लाठी) है, फिर भी यह सवाल फ़रमाया ताकि बातचीत का आग़ाज़ हो, तवज्जोह क़ायम हो, और हज़रत मूसा की वहशत व हैबत दूर होकर उन्सियत पैदा हो।

साथ ही उन्हें उस अज़ीम मौजिज़े के लिए तैयार करना मक़सूद था जो अभी ज़ाहिर होने वाला था।

इसी तरह जब नबी करीम (ﷺ) सहाबा-ए-किराम से कोई सवाल पूछते थे, तो वह बेख़बरी की वजह से नहीं, बल्कि तालीम देने, हक़ायक़ को उजागर करने और दिलों में फ़िक्र व बसीरत पैदा करने के लिए होता था।

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