कुरान - 20:29 सूरह ता-हा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

29
وَٱجۡعَل لِّي وَزِيرٗا مِّنۡ أَهۡلِي

Transliteration: (Waj'al lee wazeeran min ahlee)

29. 'और मेरे घर वालों में से मेरे लिए एक वज़ीर (मददगार) मुक़र्रर फ़रमा दे;' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ता-हा आयत 29 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ता-हा — आयत 29 की तफ़सीर

" 'और मेरे घर वालों में से मेरे लिए एक वज़ीर (मददगार) मुक़र्रर फ़रमा दे;' "

ख़ानदान से वज़ीर और मुशीर की तलब

हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अर्ज़ किया कि इस अज़ीम दावती काम में मेरा हाथ बंटाने के लिए मेरे अपने अहलो-अयाल में से किसी को मेरा मददगार और नायब बना दे ताकि काम में क़ुव्वत और एतमाद हासिल हो।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now