कुरान - 20:35 सूरह ता-हा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

35
إِنَّكَ كُنتَ بِنَا بَصِيرٗا

Transliteration: (Innaka kunta binaa baseeraa)

35. 'बेशक तू हमें ख़ूब देख रहा है [31] ।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ता-हा आयत 35 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ता-हा — आयत 35 की तफ़सीर

" 'बेशक तू हमें ख़ूब देख रहा है [31] ।' "

[31] हज़रत हारून की सलाहियत और दुआ की क़बूलियत

चूंकि हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) को एक मुशीर व मददगार की ज़रूरत थी, इसलिए उन्होंने अर्ज़ किया कि हज़रत हारून (अलैहिस्सलाम) इस मक़सद के लिए सबसे ज़्यादा मुनासिब और मौज़ूं शख़्स हैं।

"तू हमें ख़ूब देख रहा है" कहकर उन्होंने अल्लाह के कामिल इल्म और बसीरत की बारगाह में अपनी नीयत और अहवाल पेश किए।

अल्लाह तआला ने हज़रत मूसा की तमाम दुआएं क़बूल फ़रमाईं, और हज़रत हारून को नबूवत व नुसरत अता फ़रमा दी।

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