कुरान - 20:41 सूरह ता-हा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

41
وَٱصۡطَنَعۡتُكَ لِنَفۡسِي

Transliteration: (Wastana' tuka linafsee)

41. 'और मैंने तुम्हें ख़ास अपने लिए चुना (और तैयार किया) है [45] ।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ता-हा आयत 41 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ता-हा — आयत 41 की तफ़सीर

" 'और मैंने तुम्हें ख़ास अपने लिए चुना (और तैयार किया) है [45] ।' "

[45] मख़लूक़ और अंबिया की तख़्लीक़ का फ़र्क़

इससे मालूम हुआ कि इंसानों की पैदाइश के मक़ासिद अलग-अलग हैं।

अंबिया-ए-किराम की तख़्लीक़ ख़ास अल्लाह तआला के लिए होती है, जबकि बाक़ी इंसान इबादत के लिए पैदा किए गए हैं जैसा कि फ़रमाया: "और मैंने जिन्नों और इंसानों को सिर्फ़ अपनी इबादत के लिए पैदा किया" (सूरह ज़ारियात, आयत 56)।

अल्लाह की इबादत के लिए होना और ख़ास अल्लाह के लिए होना—इन दोनों में ज़मीन व आसमान का फ़र्क़ है।

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