कुरान - 20:53 सूरह ता-हा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

53
ٱلَّذِي جَعَلَ لَكُمُ ٱلۡأَرۡضَ مَهۡدٗا وَسَلَكَ لَكُمۡ فِيهَا سُبُلٗا وَأَنزَلَ مِنَ ٱلسَّمَآءِ مَآءٗ فَأَخۡرَجۡنَا بِهِۦٓ أَزۡوَٰجٗا مِّن نَّبَاتٖ شَتَّىٰ

Transliteration: (Allazee ja'ala lakumul arda mahdanw wa salaka lakum feehaa subulanw wa anzala minas samaaa'i maaa'an fa akhrajnaa biheee azwaajam min nabaatin shatta)

53. 'वह जिसने तुम्हारे लिए ज़मीन को बिछौना बनाया और उसमें तुम्हारे लिए रास्ते निकाले और आसमान से पानी उतारा [61]; फिर हमने उसके ज़रिये मुख़्तलिफ़ क़िस्मों के नबातात (पेड़-पौधे) के जोड़े निकाले [62] ।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ता-हा आयत 53 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ता-हा — आयत 53 की तफ़सीर

" 'वह जिसने तुम्हारे लिए ज़मीन को बिछौना बनाया और उसमें तुम्हारे लिए रास्ते निकाले और आसमान से पानी उतारा [61]; फिर हमने उसके ज़रिये मुख़्तलिफ़ क़िस्मों के नबातात के जोड़े निकाले [62] ।' "

[61] अहले मक्का को हज़रत मूसा की बात की ताईद में ख़िताब

यहाँ अल्लाह तआला ने मक्का वालों को सीधे मुख़ातब फ़रमाकर हज़रत मूसा के कलाम की ताईद फ़रमाई और कुदरती नेमतों (ज़मीन, बारिश, रास्ते) की तरफ़ तवज्जोह दिलाई।

[62] नबातात और कायनात में जोड़ों की तख़्लीक़

हर दरख़्त और पौधे में नर और मादा का जोड़ा बनाया गया है, और कायनात की हर चीज़ में इज़्दिवाज (जोड़े) रखे गए हैं जैसे सर्दी-गर्मी, ख़ुश्की-तरी, और इंसानों में मोमिन और काफ़िर।

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