कुरान - 20:58 सूरह ता-हा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

58
فَلَنَأۡتِيَنَّكَ بِسِحۡرٖ مِّثۡلِهِۦ فَٱجۡعَلۡ بَيۡنَنَا وَبَيۡنَكَ مَوۡعِدٗا لَّا نُخۡلِفُهُۥ نَحۡنُ وَلَآ أَنتَ مَكَانٗا سُوٗى

Transliteration: (Falanaatiyannaka bisihrim mislihee faj'al bainanaa wa bainaka maw'idal laa nukhlifuhoo nahnu wa laaa anta makaanan suwaa)

58. 'तो हम भी तुम्हारे मुक़ाबले में वैसा ही जादू लाएंगे [68], लिहाज़ा हमारे और अपने बीच एक वक़्त तय कर लो, जिसके ख़िलाफ़ न हम करें और न तुम, एक हमवार (साफ़ मैदान) जगह पर [69] ।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ता-हा आयत 58 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ता-हा — आयत 58 की तफ़सीर

" 'तो हम भी तुम्हारे मुक़ाबले में वैसा ही जादू लाएंगे [68], लिहाज़ा हमारे और अपने बीच एक वक़्त तय कर लो, जिसके ख़िलाफ़ न हम करें और न तुम, एक हमवार जगह पर [69] ।' "

[68] जादू का मुक़ाबला करने का दावा

फ़िरऔन ने अपने दरबारी जादूगरों को बुलाकर लाठियों और रस्सियों को सांप बनाकर दिखाने का इरादा किया ताकि हज़रत मूसा के मौजिज़े को दबा सके।

[69] 'हमवार जगह' का मफ़हूम

इससे मुराद एक ऐसा खुला और वसीअ मैदान था जहाँ पूरी अवाम आसानी से जमा होकर मुक़ाबला देख सके, और जो दोनों फ़रीक़ों के लिए बराबर दूरी पर हो।

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