कुरान - 20:57 सूरह ता-हा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

57
قَالَ أَجِئۡتَنَا لِتُخۡرِجَنَا مِنۡ أَرۡضِنَا بِسِحۡرِكَ يَٰمُوسَىٰ

Transliteration: (Qaala aji'tanaa litukhri janaa min ardinaa bisihrika yaa Moosa)

57. फ़िरऔन बोला, 'ऐ मूसा! क्या तुम हमारे पास इसलिए आए हो कि अपने जादू के ज़ोर से हमें हमारी ज़मीन से निकाल बाहर करो?' [67] (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ता-हा आयत 57 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ता-हा — आयत 57 की तफ़सीर

"फ़िरऔन बोला, 'ऐ मूसा! क्या तुम हमारे पास इसलिए आए हो कि अपने जादू के ज़ोर से हमें हमारी ज़मीन से निकाल बाहर करो?' [67]"

[67] फ़िरऔन का बातिनी ख़ौफ़ और मूसा की हक़्क़ानियत का एतराफ़

फ़िरऔन के इस जुमले से साबित होता है कि वह दिल के अंदर हज़रत मूसा की नबूवत और ताक़त का क़ायल हो चुका था, क्योंकि कोई मामूली जादूगर किसी मुल्क के बादशाह का तख़्ता पलटने की हिम्मत नहीं रख सकता। मिस्र में हज़ारों जादूगर थे मगर फ़िरऔन ने कभी किसी से ऐसा ख़ौफ़ ज़ाहिर नहीं किया था।

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