Transliteration: (Qaala lahum Moosaa wailakum laa taftaroo 'alal laahi kaziban fa yus hitakum bi 'azaab, wa qad khaaba manif taraa)
"मूसा ने उनसे फ़रमाया, 'ख़राबी हो तुम्हारी! अल्लाह पर झूठ न बांधो [73] कि वह तुम्हें अज़ाब से हलाक कर दे, और बेशक वह नामुराद रहा जिसने झूठ बांधा [74] ।' "
हज़रत मूसा ने फ़रमाया कि अल्लाह के सच्चे मौजिज़ात को जादू न कहो, क्योंकि ऐसा कहना अल्लाह पर खुला बोहतान और झूठ बांधना है। इससे मालूम हुआ कि नबियों पर इल्ज़ाम तराशी करना दर-हक़ीक़त अल्लाह तआला पर झूठ बांधने के बराबर है।
इससे मालूम हुआ कि अल्लाह के रसूल की नाफ़रमानी अज़ाब-ए-इलाही को दावत देती है। ग़ौर कीजिए कि इस मक़ाम से पहले फ़िरऔन और उसकी क़ौम शिर्क व कुफ़्र में मुब्तला थे मगर उन पर दुनियावी हलाकत का अज़ाब नहीं आया था। लेकिन जब उन्होंने हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) की सीधी मुख़ालिफ़त की, तो अज़ाब का क़तई ऐलान फ़रमा दिया गया।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat