कुरान - 20:63 सूरह ता-हा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

63
قَالُوٓاْ إِنۡ هَٰذَٰنِ لَسَٰحِرَٰنِ يُرِيدَانِ أَن يُخۡرِجَاكُم مِّنۡ أَرۡضِكُم بِسِحۡرِهِمَا وَيَذۡهَبَا بِطَرِيقَتِكُمُ ٱلۡمُثۡلَىٰ

Transliteration: (Qaalooo in haaazaani lasaahiraani yureedaani ai yukhrijaakum min ardikum bisihrihimaa wa yazhabaa bitareeqatikumul muslaa)

63. वे बोले, 'बेशक ये दोनों ज़रूर जादूगर हैं; ये चाहते हैं कि अपने जादू के ज़ोर से तुम्हें तुम्हारी ज़मीन से निकाल बाहर करें और तुम्हारे अच्छे तरीक़े (मज़हब) को मिटा दें [76] ।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ता-हा आयत 63 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ता-हा — आयत 63 की तफ़सीर

"वे बोले, 'बेशक ये दोनों ज़रूर जादूगर हैं; ये चाहते हैं कि अपने जादू के ज़ोर से तुम्हें तुम्हारी ज़मीन से निकाल बाहर करें और तुम्हारे अच्छे तरीक़े को मिटा दें [76] ।' "

[76] हक़ को ख़तरा बताकर अवाम को भड़काना

फ़िरऔनियों ने अवाम को डराया कि मूसा और हारून जादू के ज़रिये हुकूमत पर क़ब्ज़ा करना चाहते हैं और तुम्हारे बाप-दादा के दीन (फ़िरऔन की पूजा) को ख़त्म करना चाहते हैं। वे उस वक़्त फ़िरऔन की परस्तिश ही को नेक और बा-इज़्ज़त तरीक़ा समझ रहे थे।

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