कुरान - 20:65 सूरह ता-हा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

65
قَالُواْ يَٰمُوسَىٰٓ إِمَّآ أَن تُلۡقِيَ وَإِمَّآ أَن نَّكُونَ أَوَّلَ مَنۡ أَلۡقَىٰ

Transliteration: (Qaaloo yaa Moosaaa immaaa an tulqiya wa immaaa an nakoona awala man alqaa)

65. वे बोले, 'ऐ मूसा! या तो तुम पहले डालो [79] या हम पहले डालें?' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ता-हा आयत 65 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ता-हा — आयत 65 की तफ़सीर

"वे बोले, 'ऐ मूसा! या तो तुम पहले डालो [79] या हम पहले डालें?' "

[79] जादूगरों का अदब और ईमान की दौलत

जादूगरों ने हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) से इजाज़त तलब करते हुए अदब का इज़हार किया कि आप पहले पहल फ़रमाइए। रूहुल बयान और ख़ज़ाइनुल इरफ़ान में है कि अल्लाह तआला को अपने नबी की शान में उनका यह अदब इतना पसंद आया कि इसी अदब के सदक़े में बाद में उन्हें ईमान की नेमत से मालामाल फ़रमा दिया।

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