Transliteration: (Qaala bal alqoo fa izaa hibaaluhum wa 'isiyyuhum yukhaiyalu ilaihi min sihrihim annahaa tas'aa)
"मूसा ने फ़रमाया, 'बल्कि तुम्हीं डालो [80];' फिर तो उनके जादू के ज़ोर से उनकी रस्सियां और लाठियां मूसा के ख़याल में [81] ऐसी नज़र आने लगीं गोया वे दौड़ रही हैं [82] ।"
हज़रत मूसा का फ़रमाना जादू की इजाज़त के लिए नहीं था, बल्कि बातिल को पूरी तरह ज़ाहिर करवाकर फिर उसे हक़ के ज़रिये जड़ से मिटाने के लिए था ताकि लोग बातिल की बेबसी और हक़ की जीत अपनी आँखों से देख सकें।
इससे दो अहम बातें साबित होती हैं: पहली यह कि जादू किसी चीज़ की हक़ीक़त को नहीं बदलता बल्कि सिर्फ़ आँखों पर भ्रम और नज़रबंदी पैदा करता है (गोया वे दौड़ रही हैं)। दूसरी यह कि जादू का ज़ाहिरी असर कुछ लम्हों के लिए नबी की निगाह या ख़याल पर भी पड़ सकता है, जो नबूवत की इस्मत के ख़िलाफ़ नहीं है।
हज़रत मूसा को भी लगा कि लाठियां और रस्सियां उनकी तरफ़ दौड़ती हुई आ रही हैं, जो नज़रबंदी के शदीद असर का इज़हार था।
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
संबंधित आयात (विषय) / Related Ayat