कुरान - 20:68 सूरह ता-हा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

68
قُلۡنَا لَا تَخَفۡ إِنَّكَ أَنتَ ٱلۡأَعۡلَىٰ

Transliteration: (Qulnaa laa takhaf innaka antal a'laa)

68. हमने फ़रमाया, 'डरो मत! बेशक तुम्हीं ग़ालिब रहोगे [84] ।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ता-हा आयत 68 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ता-हा — आयत 68 की तफ़सीर

"हमने फ़रमाया, 'डरो मत! बेशक तुम्हीं ग़ालिब रहोगे [84] ।' "

[84] ग़लबे की इलाही बशारत

अल्लाह तआला ने हज़रत मूसा को तसल्ली दी कि हक़ कभी बातिल से दब नहीं सकता। जीत हर हाल में तुम्हारी ही होगी और यह तमाम जादुई नज़रबंदी अभी पलक झपकते में ख़ाक में मिल जाएगी।

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