कुरान - 20:70 सूरह ता-हा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

70
فَأُلۡقِيَ ٱلسَّحَرَةُ سُجَّدٗا قَالُوٓاْ ءَامَنَّا بِرَبِّ هَٰرُونَ وَمُوسَىٰ

Transliteration: (Fa ulqiyas saharatu sujjadan qaalooo aamannaa bi Rabbi Haaroona wa Moosa)

70. फिर सारे जादूगर सजदे में गिरा दिए गए [86]; वे पुकार उठे, 'हम मूसा और हारून के रब पर ईमान लाए [87] ।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ता-हा आयत 70 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ता-हा — आयत 70 की तफ़सीर

"फिर सारे जादूगर सजदे में गिरा दिए गए [86]; वे पुकार उठे, 'हम मूसा और हारून के रब पर ईमान लाए [87] ।' "

[86] तौफ़ीक़-ए-इलाही से सजदे में गिरना

जादूगर सिर्फ़ अपनी मर्ज़ी से नहीं बल्कि अल्लाह की तौफ़ीक़ व रहमत से सजदे में गिरा दिए गए, जो हज़रत मूसा की ताज़ीम व अदब का बदला था। इससे साबित हुआ कि रसूल का अदब हिदायत व ईमान की तरफ़ ले जाता है और बेअदबी आमाल को बर्बाद कर देती है जैसे इब्लीस आदम (अलैहिस्सलाम) की बेअदबी से बर्बाद हुआ।

[87] नबियों के वसीले से रब की मारिफ़त

उन्होंने फ़रमाया: "हम मूसा और हारून के रब पर ईमान लाए।" यानी सच्चा रब वही है जिसे ये दोनों मुक़द्दस नबी अपना रब बताते हैं—फ़िरऔन नहीं। रब सब का है, मगर नबियों की निस्बत से उसका तआरुफ़ कामिल होता है।

Sign up for Newsletter

×

Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now