कुरान - 20:72 सूरह ता-हा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

72
قَالُواْ لَن نُّؤۡثِرَكَ عَلَىٰ مَا جَآءَنَا مِنَ ٱلۡبَيِّنَٰتِ وَٱلَّذِي فَطَرَنَاۖ فَٱقۡضِ مَآ أَنتَ قَاضٍۖ إِنَّمَا تَقۡضِي هَٰذِهِ ٱلۡحَيَوٰةَ ٱلدُّنۡيَآ

Transliteration: (Qaaloo lan nu'siraka 'alaa maa jaaa'anaa minal baiyinaati wallazee fataranaa faqdimaaa anta qaad; innamaa taqdee haazihil hayaatad dunyaa)

72. वे बोले, 'हम हरगिज़ तुम्हें इन रौशन दलीलों पर तरजीह नहीं देंगे जो हमारे पास आ चुकी हैं [92], उस ज़ात की क़सम जिसने हमें पैदा किया! तू जो फ़ैसला करना चाहता है कर ले [93], तू जो कुछ भी हुक्म चलाएगा वह सिर्फ़ इसी दुनियावी ज़िंदगी में चलाएगा।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ता-हा आयत 72 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ता-हा — आयत 72 की तफ़सीर

"वे बोले, 'हम हरगिज़ तुम्हें इन रौशन दलीलों पर तरजीह नहीं देंगे जो हमारे पास आ चुकी हैं [92], उस ज़ात की क़सम जिसने हमें पैदा किया! तू जो फ़ैसला करना चाहता है कर ले [93], तू जो कुछ भी हुक्म चलाएगा वह सिर्फ़ इसी दुनियावी ज़िंदगी में चलाएगा।' "

[92] जादूगरों का बसीरत और हक़ की पहचान

जादूगरों ने ग़ौर किया कि अगर मूसा का असा जादू होता, तो हमारी हज़ारों लाठियां और रस्सियां कहाँ गईं? असा ने सब निगल लिया मगर उसका वज़न ज़रा बराबर न बढ़ा। इस इल्म ने उनके लिए हिदायत का दरवाज़ा खोल दिया।

[93] ईमान की बेख़ौफ़ ताक़त

हज़रत मूसा की एक मुबारक निगाह ने जादूगरों को एक ही दिन में मोमिन, सहाबी और अज़ीम शहीद बना दिया। उन्होंने फ़िरऔन के मुंह पर कह दिया कि तू जो चाहे ज़ुल्म कर ले, तेरी हुकूमत सिर्फ़ इस फ़ानी दुनिया तक है, आख़िरत हमारे रब की है।

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