कुरान - 20:73 सूरह ता-हा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

73
إِنَّآ ءَامَنَّا بِرَبِّنَا لِيَغۡفِرَ لَنَا خَطَٰيَٰنَا وَمَآ أَكۡرَهۡتَنَا عَلَيۡهِ مِنَ ٱلسِّحۡرِۗ وَٱللَّهُ خَيۡرٞ وَأَبۡقَىٰٓ

Transliteration: (Innaaa aamannaa bi Rabbinaa liyaghfira lanaa khataayaanaa wa maaa akrahtanaa 'alaihi minas sihr; wallaahu khairunw wa abqaa)

73. 'बेशक हम अपने रब पर ईमान लाए ताकि वह हमारे गुनाहों को बख़्श दे [94] और उस जादू को भी जिस पर तूने हमें मजबूर किया था [95]; और अल्लाह ही सबसे बेहतर और हमेशा बाक़ी रहने वाला है [96] ।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ता-हा आयत 73 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ता-हा — आयत 73 की तफ़सीर

" 'बेशक हम अपने रब पर ईमान लाए ताकि वह हमारे गुनाहों को बख़्श दे [94] और उस जादू को भी जिस पर तूने हमें मजबूर किया था [95]; और अल्लाह ही सबसे बेहतर और हमेशा बाक़ी रहने वाला है [96] ।' "

[94] ईमान बख़्शिश और मग़फ़िरत का ज़रिया

उन्होंने अर्ज़ किया कि इस सच्चे ईमान की बरकत से हमारे पिछले तमाम गुनाह माफ़ हो जाएं।

[95] जब्र और सच्चे तौबा का एतराफ़

इससे मालूम हुआ कि बहुत से जादूगर अपनी ख़ुशी से नहीं बल्कि फ़िरऔन के ज़बरदस्ती और दबाव से आए थे। उन्होंने अपने गुनाह का साफ़ एतराफ़ किया।

[96] अल्लाह का सवाब और अज़ाब दायमी है

फ़िरऔन के दावे के जवाब में उन्होंने कहा कि अल्लाह का सवाब और अज़ाब हमेशा रहने वाला है, जबकि तेरी ताक़त फ़ानी है।

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