कुरान - 20:69 सूरह ता-हा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

69
وَأَلۡقِ مَا فِي يَمِينِكَ تَلۡقَفۡ مَا صَنَعُوٓاْۖ إِنَّمَا صَنَعُواْ كَيۡدُ سَٰحِرٖۖ وَلَا يُفۡلِحُ ٱلسَّاحِرُ حَيۡثُ أَتَىٰ

Transliteration: (Wa alqi maa fee yamee nika talqaf maa sana'oo; innamaa sana'oo kaidu saahir; wa laa yuflihus saahiru haisu ataa)

69. 'और जो तुम्हारे दाहिने हाथ में है उसे ज़मीन पर डाल दो, वह उनकी सारी बनावटों को निगल जाएगा [85]; जो कुछ उन्होंने बनाया है वह तो सिर्फ़ जादूगर का फ़रेब है, और जादूगर जहाँ भी आए कभी भलाई (कामयाबी) नहीं पा सकता।' (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ता-हा आयत 69 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ता-हा — आयत 69 की तफ़सीर

" 'और जो तुम्हारे दाहिने हाथ में है उसे ज़मीन पर डाल दो, वह उनकी सारी बनावटों को निगल जाएगा [85]; जो कुछ उन्होंने बनाया है वह तो सिर्फ़ जादूगर का फ़रेब है, और जादूगर जहाँ भी आए कभी भलाई नहीं पा सकता।' "

[85] गै़ब की ख़बर और मौजिज़े की हक़ीक़त

इस आयत में ग़ैब की पेशीनगोई थी कि हज़रत मूसा का असा अज़दहा बनकर तमाम जादुई साज़ो-सामान को निगल जाएगा। असा ने सूरत अज़दहे की अख़्तियार की तो खाने और चलने लगा, मगर अस्ल में वह लकड़ी ही था।

इसी तरह हमारे प्यारे नबी (ﷺ) अल्लाह का नूर हैं, मगर जब इंसानी लिबास में जलवागर हुए तो इंसानी अफ़आल (खाना, पीना, विसाल) ज़ाहिर फ़रमाए, जबकि उनकी नूरी हक़ीक़त और शान अपनी जगह कामिल रही। जैसे मेराज और सौमे विसाल (लगातार रोज़े) उनकी बेमिसाल हक़ीक़त का ज़हूर थे।

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