कुरान - 20:79 सूरह ता-हा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

79
وَأَضَلَّ فِرۡعَوۡنُ قَوۡمَهُۥ وَمَا هَدَىٰ

Transliteration: (wa adalla fir'awnu qawmahoo wa maa hadaa)

79. और फ़िरऔन ने अपनी क़ौम को गुमराह किया और उन्हें सीधा रास्ता न दिखाया [104] । (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ता-हा आयत 79 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ता-हा — आयत 79 की तफ़सीर

"और फ़िरऔन ने अपनी क़ौम को गुमराह किया और उन्हें सीधा रास्ता न दिखाया [104] ।"

[104] फ़िरऔन का कुफ़्र पर ख़ातिमा

यह आयत वाज़ेह करती है कि फ़िरऔन और उसके पैरोकार कुफ़्र की हालत में ही ग़र्क़ हुए। डूबते वक़्त उसका कलमा पढ़ना नाक़ाबिला क़बूल था क्योंकि मौत के वक़्त का ईमान मोतबर नहीं होता।

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