कुरान - 20:8 सूरह ता-हा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

8
ٱللَّهُ لَآ إِلَٰهَ إِلَّا هُوَۖ لَهُ ٱلۡأَسۡمَآءُ ٱلۡحُسۡنَىٰ

Transliteration: (Allaahu laaa ilaaha illaa huwa lahul asmaa'ul husnaa)

8. अल्लाह! उसके सिवा कोई सच्चा माबूद नहीं; उसी के लिए तमाम बेहतरीन नाम (अस्माउल हुस्ना) हैं [8] । (अनुवाद — मुफ़्ती अहमद यार ख़ान)

मुफ़्ती अहमद यार ख़ान — सूरह ता-हा आयत 8 तफ़सीर



  • मुफ़्ती अहमद यार ख़ान (तफ़सीर-ए-नईमी)

सूरह ता-हा — आयत 8 की तफ़सीर

"अल्लाह! उसके सिवा कोई सच्चा माबूद नहीं; उसी के लिए तमाम बेहतरीन नाम (अस्माउल हुस्ना) हैं [8]।"

[8] तौहीद-ए-ख़ालिस और अस्माउल हुस्ना

सिर्फ़ अल्लाह ही इबादत, ताज़ीम और इताअत के लायक़ है। कोई माबूद-ए-बातिल उसकी खुदाई में शरीक नहीं हो सकता।

अल्लाह तआला के तमाम सिफ़ाती नाम (अस्माउल हुस्ना) हुस्न व कमाल की इंतिहा पर हैं। जब भी बन्दा दुआ करे, अल्लाह के इन्हीं मुबारक और मुक़द्दस नामों का वसीला लेकर दुआ करे।

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